ट्रेड खोलने से पहले उसकी असली लागत कैसे निकालें, और स्प्रेड आपके नतीजे के लिए वाकई क्यों मायने रखता है।
स्प्रेड किसी भी इंस्ट्रूमेंट के खरीद मूल्य (Ask) और बिक्री मूल्य (Bid) के बीच का अंतर है, किसी खास पल में। यह मूलतः ब्रोकर के पैसे कमाने का तरीका है (या उसका हिस्सा), कुछ अकाउंट प्रकारों में अलग कमीशन की जगह या उसके साथ।
आप जो भी ट्रेड खोलते हैं वह स्प्रेड की रकम जितना "शून्य से नीचे" शुरू होता है — असल में मुनाफे में आने से पहले कीमत को आपके फायदे में कम से कम इतना बढ़ना ज़रूरी है।
चौड़े स्प्रेड का मतलब है कि ब्रेक-ईवन तक पहुंचने के लिए बड़ी कीमत हलचल चाहिए — यह छोटी अवधि के ट्रेडर्स (स्कैल्पिंग) या रोज़ाना कई ट्रेड खोलने वालों को ज़्यादा प्रभावित करता है।
ज़्यादातर बड़े ब्रोकर (ब्रोकर गाइड देखें) अपने Raw/Zero अकाउंट्स पर वेरिएबल स्प्रेड पर काम करते हैं।
मान लीजिए आप 0.30 स्प्रेड के साथ 1 लॉट सोना (100 औंस) की पोज़िशन खोलते हैं:
अगर आप एक महीने में कई ट्रेड खोलते हैं, तो 0.10 और 0.40 स्प्रेड के बीच का अंतर तेज़ी से जमा होता है और आपके नेट प्रॉफिट को प्रभावित करता है।